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Albela Khatri

मुरारी पारीक कृपया मेरे घर की चिन्ता न करें

अभी - अभी मुरारी पारीकजी ने मुझे सलाह दी है कि मैं

बनारस जाने वाली बात अपनी पत्नी को न बताऊँ क्योंकि

यदि उसने साड़ी मंगाली तो वाट लग जायेगी

कारण कि वहाँ साड़ी महँगी मिलती हैं । मैं उनसे कहना चाहता हूँ

कि आप मेरे घर की चिन्ता बिल्कुल न करें क्योंकि मेरी पत्नी

बहुत ..........ही..........कंजूस है, इतनी कंजूस है कि पूछो मत ।


एक बार मैंने कलकत्ता से 6000 की साड़ी खरीद कर

उसके लिए भेजी लेकिन फोन पर बताया कि सिर्फ़ 600 की है ,

पहन लेना ...अच्छी लगे तो बोलना और भी भेज दूंगा क्योंकि

मैं जानता था कि 6000 की बता दूंगा तो 6 जनम तक

नहीं पहनेगी ....,,इसलिए कुछ दिन बाद मैंने फोन किया

कि कैसी रही साड़ी ?


वो बोली - बहुत ही अच्छी ....मज़ा आगया.... आपने जो 600 में

खरीदी थी वो मैंने यहाँ 800 में बेच दी है,

100-200 साडियां और ले आओ , बहुत कमाई हो जायेगी

................हा हा हा हा हा हा हा हा

14 comments:

विवेक सिंह June 28, 2009 at 7:58 PM  

वे तो केवल कंजूस हैं पर आप ? मत पूछिये :)

Mumukshh Ki Rachanain June 28, 2009 at 8:04 PM  

यदि अपने कार्टून बने तो प्रथम भाव तो गर्व का होना चाहिए क्योंकि अख़बार के प्रथम प्रष्ट पर जगह जो मिलती है.

वैसे भी हँसाने वाला अन्दर से कितना भी ग़मगीन क्यों न हो, अपने को कार्टून बना कर दूसरों को हंसा कर ही चैन लेता है........

अपना कार्टून स्वतः अपने ही ब्लाग पर अवतरित करने की जो हिमाकत की उसका तहे दिल से स्वागत है.

चन्द्र मोहन गुप्त

Murari Pareek June 28, 2009 at 8:12 PM  

आखिर वाट तो लग ही गयी !!!

अजय कुमार झा June 28, 2009 at 8:27 PM  

वाह घनी चोकी कमाई करवाई भाभी जी ने....हा..हा..हा..

सोच रहा हूँ ..अपनी बत्तीसी परमानेंटली आपके ब्लॉग पर चेप दूं....वहीं चिपकी हंसती रहेंगी...

M VERMA June 28, 2009 at 8:52 PM  

अलबेला जी
मै साडियो का व्यापार करना चाहता हू. मै 500 रूपये मे ही बनारसी साडी सप्लाई कर दूंगा.
हा हा ---

अविनाश वाचस्पति June 28, 2009 at 9:20 PM  

कंजूस
निकालते हैं
सदा ही जूस
कभी पैसे का
कभी बुद्धि का
कंजूस जी
निकालें कभी
कान का भी जूस।

ताऊ रामपुरिया June 28, 2009 at 9:37 PM  

बहुत अच्छा किया. जूंठ की कुछ तो सजा मिलनी ही चाहिये.:)

रामराम.

रंजन June 28, 2009 at 9:43 PM  

अब समझे आप कैसे करो्ड़पति हो गये... बिजनेस फॉर्मुला आउट कर दिया आपने...:)

Udan Tashtari June 28, 2009 at 9:43 PM  

व्यापारिक बुद्धि कहलाई यह तो!! हा हा!

राज भाटिय़ा June 28, 2009 at 11:50 PM  

अजी अगर यह पोस्ट उन्होने पढ ली तो ???

राजीव तनेजा June 29, 2009 at 12:04 AM  

mazzedara

अल्पना वर्मा June 29, 2009 at 1:13 AM  

:D ..yah bhi khuub rahi!

शरद कोकास June 29, 2009 at 1:19 AM  

भैया ये सच्मुच मे हुआ है क्या?

अजित वडनेरकर June 29, 2009 at 3:28 AM  

बेचारे मुरारी...

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