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Hindi Hasya kavi Albela Khatri's blog

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Albela Khatri

हँसाने का हुनर रखते हैं ................

आग से आग बुझाने का हुनर रखते हैं

हम सितमगर को सताने का हुनर रखते हैं


मौत क्या हमको डराएगी अपनी आँखों से

मौत को आँख दिखाने का हुनर रखते हैं


कोई आँखों से पिलाता है, कोई होटों से

हम तो बातों से पिलाने का हुनर रखते हैं


कद्रदां हो तो कोई देखे क़रिश्मा अपना

ख़ुद रो कर भी हँसाने का हुनर रखते हैं


पाई है हमने विरासत में कबीरी यारो

जो भी है पास, लुटाने का हुनर रखते हैं

6 comments:

Anil Pusadkar June 25, 2009 at 8:36 AM  

बस करो भाई,हमको तो लग गई है।मज़ा आ गया।

विनोद June 25, 2009 at 9:32 AM  

नर हैं तो हूं (हु) नर ही रखेंगे न

प्रदीप मानोरिया June 25, 2009 at 9:37 AM  

अलबेला जी बहुत अलबेली और मस्त रचना


धन्यवाद

Prem Farrukhabadi June 25, 2009 at 9:41 AM  

कद्रदां हो तो कोई देखे क़रिश्मा अपना

ख़ुद रो कर भी हँसाने का हुनर रखते हैं


पाई है हमने विरासत में कबीरी यारो

जो भी है पास, लुटाने का हुनर रखते हैं


Albela ji,
atisundar!!!

ताऊ रामपुरिया June 25, 2009 at 10:18 AM  

वाह वाह..कमाल की रचना. शुभकामनाएं.

रामराम.

nidhi June 25, 2009 at 11:43 AM  

Beautiful peace of work,Congratulations!!!

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